सीवीआरयू में रिसर्च मेथॉडोलॉजी विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित


बिलासपुर/ डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय में रिसर्च मेथाडोलॉजी वर्कशॉप ऑन बाउड्रीज डी एक्सप्लोरिंग इंस्ट्रक्शन इन सोशल साइंस रिसर्च विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 150 से अधिक शोधार्थियों ने विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पूर्व निदेशक सहित देश के कई राज्यों के विषय विशेषज्ञों ने रिसर्च मेथाडोलॉजी कार्यशाला पर अपनी बात शोधार्थियों के सामने रखी.यह आयोजन इंडियन काउसिंल आफ सोशल साइंस रिचर्स के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र एवं सीवीआरयू के सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।इस अवसर पर उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि प्रकाश दुबे ने शोधार्थियों को कहा, कि आज सबसे अधिक जरूरत इस बात की है कि शोध में विषय को गहराई से समझे और आपका शोध देश और समाज के लिए के लिए कैसे उपयोगी होगा इस दिशा में भी विचार करने की जरूरत है। इस अवसर पर उपस्थित विशय विषेशज्ञ प्रो. अनिल कुमार सिन्हा ने कहा कि रिसर्च पुनर खोज ही है। पुराना रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए ध्यान देना चाहिए .विज्ञान का विकास शोध के बिना मजबूत नहीं होगा पुराने शोध में ही नई अपडेट के साथ बदलाव को स्वीकार करते हुए शोध होने चाहिए इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को शोध की प्रक्रिया और उसके सिद्धांत उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित इंद्रप्रस्त विवि दिल्ली के प्रोफेसर दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि क्रमबद्ध ज्ञान ही विज्ञान हैं,हमें रिसर्च में भी क्रमबद्धता को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से कहा कि रिसर्च पेपर पब्लिश करें, सेमिनार अटेंड करे,ं पेटेंट जरूर हो, रिसर्च आइडिया डेवलप करना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसार अनुसंधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि डॉ.सी.वी.रमन विश्वविद्यालय में बहुत सी संभावनाएं हैं। आदिवासी क्षेत्र में स्थापित विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर विकसित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल में स्थापित विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा, आदिवासियों के जीवन शैली, उनके औषधि ज्ञान, सहित अनेक विषयों के लिए काम करने की संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय रिसर्च की दिशा में तेजी से कम करें। परिषद हर संभव मदद करेगा। इस अवसर पर विवि के कुलसचिव डॉ.अरविंद तिवारी ने कहा कि आदिवासी अंचल में विवि स्थापित होने से हमें भारतीय ज्ञान और परंपरा की जानकारी मिली, हमने इसे स्वीकारा है। यहां के युवाओं में अदृभूत प्रतिभा है जिन्हें हमें मंच दिया है। अंचल में शोध की संभावना है, हम विवि के युवाओं को दिशा दे रहे हैं। इस अवसर पर वक्ता के रूप मे उपस्थित इतिहासकार प्रो. रमेंद्र नाथ मिश्र ने छत्तीसगढ़ के इतिहास के बारे में विस्तार से प्रमाणित जानकारी साझा की। इस अवसर पर वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ.केया दास घोष ने रिसर्च मैथर्ड को विस्तार से बताया। कार्यशाला में पं सुंदरलाल शर्मा विवि के प्रो. पुश्कर दुबे ने इंटर सेक्षन सोशल साइंस रिसर्च पर जानकारी दी। इस अवसर पर कार्यक्रम की कनवेंनर डॉ. काजल मोहित्रा ने आभार प्रकट किया। इस अवसपर पर विवि के प्राध्यापक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ महेश शुक्ला ने किया।