राजनीती

फौती नामांतरण और एग्रीस्टैक की समस्या से किसानों को राहत दे सरकार : धनीराम यादव


बिलासपुर। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता धनीराम यादव ने फौती नामांतरण, राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने तथा एग्रीस्टैक पंजीयन से जुड़ी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की है। धनीराम यादव ने कहा कि फौती नामांतरण में देरी का सीधा असर किसानों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड और धान खरीदी की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। समाचार-कतरन में बिलासपुर जिले में बड़ी संख्या में फौती नामांतरण के मामले लंबित होने की बात सामने आई है। ऐसे मामलों में पुराने भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से किसानों को अपनी जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त कराने और आगे की प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित फौती नामांतरण के मामलों का विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निराकरण कराया जाए, ताकि किसानों को तहसील, पटवारी और अन्य राजस्व कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
एग्रीस्टैक में रिकॉर्ड की समस्या दूर करने की मांग
यादव ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों के लिए डिजिटल कृषि रिकॉर्ड और एग्रीस्टैक पंजीयन महत्वपूर्ण हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से भी किसानों को एग्रीस्टैक में पंजीयन कराने तथा इसके लिए सहकारी समितियों, सीएससी और पटवारी कार्यालयों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। ऐसे में यदि किसी किसान के खसरा, रकबा, नाम या वारिस संबंधी रिकॉर्ड में त्रुटि है तो उसका समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। रिकॉर्ड की त्रुटि के कारण किसान सरकारी योजनाओं, पंजीयन या समर्थन मूल्य पर कृषि उपज बेचने जैसी प्रक्रियाओं में परेशान न हो, इसके लिए जिला स्तर पर विशेष हेल्प डेस्क और शिविर लगाए जाने चाहिए। मृत्यु प्रमाण-पत्र और वारिसों के नाम दर्ज करने में सरलता हो । धनीराम यादव ने यह भी कहा कि किसान परिवार में किसी खातेदार की मृत्यु होने के बाद उसके वारिसों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध होनी चाहिए। ग्रामीण परिवारों में दस्तावेजों की जानकारी और ऑनलाइन प्रक्रिया की कमी के कारण कई बार लोग लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर फौती नामांतरण, वारिसान नामांतरण और राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटियों का निराकरण किया जाए।
धान खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए
यादव ने कहा कि किसानों की जमीन संबंधी तकनीकी या राजस्व समस्या के कारण उनकी धान खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। किसानों ने मेहनत करके फसल तैयार की है, इसलिए प्रशासन को रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक व्यवस्था बनानी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि—
लंबित फौती नामांतरण का शीघ्र निराकरण हो।
एग्रीस्टैक में नाम, खसरा और रकबा संबंधी त्रुटियां सुधारी जाएं।
किसानों के लिए ग्राम स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएं।
वारिसान नामांतरण की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध की जाए।
किसानों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिले।
राजस्व और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।
रिकॉर्ड संबंधी समस्या के कारण पात्र किसान धान खरीदी के लाभ से वंचित न हों।
धनीराम यादव ने कहा कि किसानों की समस्या केवल कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध उनकी आजीविका से है। इसलिए सरकार को राजस्व रिकॉर्ड और डिजिटल पंजीयन की व्यवस्था को किसान के लिए सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना चाहिए।

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