लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 34वें दिन भी जारी, शहरभर से बढ़ता समर्थन

बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन पिछले 34 दिनों से लगातार जारी है। आंदोलन को लेकर प्रभावित परिवारों, महिलाओं और वार्डवासियों का हौसला दिन-ब-दिन और मजबूत होता जा रहा है। दयालबंद, टिकरापारा सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों और जागरूक नागरिकों का निरंतर समर्थन मिल रहा है। शनिवार को आंदोलन के 34वें दिन एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब एक वृद्ध माता जी वॉकर के सहारे हड़ताल स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने आंदोलन पर बैठी सभी माताओं और बहनों का उत्साहवर्धन किया और उनके संघर्ष को न्यायोचित बताते हुए अपना समर्थन दिया। वृद्ध माता की उपस्थिति ने आंदोलनकारियों में नई ऊर्जा भर दी।
इस दौरान टिकरापारा और दयालबंद क्षेत्र से आए वरिष्ठ जनों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हड़ताल स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। सभी ने एक स्वर में नारेबाजी करते हुए कहा कि वे इस आंदोलन में अंतिम समय तक लोगों के साथ मजबूती से डटे रहेंगे और लिंगीयाडीह के हक की लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देंगे। आंदोलन स्थल पर प्रमुख रूप से डॉ. रघु, श्याम मूरत कौशिक, भोलाराम साहू,परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा,डॉ अशोक शर्मा, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली, जिनमें सोनबाई गोड़, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और मोहल्लेवासी शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। लिंगीयाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल एक मोहल्ले या वार्ड का नहीं, बल्कि पूरे शहर के जनसमर्थन का प्रतीक बनता जा रहा है।