बिलासपुर

इंसानियत, इल्म और अख़लाक का पैगाम दे रही उसकी देन कमेटी की तकरीरें

बिलासपुर। मोहर्रम के अवसर पर उसकी देन कमेटी द्वारा आयोजित मजलिस एवं तकरीर कार्यक्रम के दूसरे दिन दिल्ली से पधारे मुख्य वक्ता प्रोफेसर मौलाना मुख्तार अशरफ ने हज़रत अली (अ.स.) और हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में विस्तार से बयान करते हुए इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सेवा का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला के नज़दीक सबसे बेहतरीन अमल लोगों को खाना खिलाना और उनकी सेवा करना है। इंसान की मदद करते समय उसके धर्म, जाति, भाषा या समुदाय को नहीं देखना चाहिए, बल्कि इंसानियत के आधार पर उसकी सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम समाज में प्रेम, करुणा, समानता और मानवता की शिक्षा देता है तथा जरूरतमंदों की मदद करना सबसे बड़ी इबादतों में शामिल है।

इसी क्रम में रमजानी बाबा हॉल में आयोजित महिलाओं के विशेष कार्यक्रम में अलीमा फाज़िला महशर जहाँ ने महिलाओं की शिक्षा, परवरिश और समाज में उनकी भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस्लाम केवल दीन की तालीम ही नहीं, बल्कि दुनियावी शिक्षा हासिल करने पर भी जोर देता है। आज महिलाएं विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, जो शिक्षा की ताकत को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि रसूल-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इल्म हासिल करने की विशेष ताकीद फरमाई है। यदि परिवार की महिलाएं शिक्षित और संस्कारित हों तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरी पीढ़ी पर पड़ता है। एक पढ़ी-लिखी महिला न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को नई दिशा और नई शक्ति प्रदान कर सकती है।

महशर जहाँ ने कहा कि दीन और दुनियावी शिक्षा का संतुलन ही एक बेहतर समाज की नींव है। जब महिलाएं धार्मिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा से भी जुड़ती हैं, तब वे समाज के विकास और नई नस्लों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वक्ताओं के विचारों को सामाजिक और धार्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश बताते हुए सराहा। तकरीरों के माध्यम से इंसानियत, शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।   इस अवसर पर फरहान बक्स, हसनैन अली, फरहान बक्श जियाउद्दीन प्यारे, इकराम भईया, अदनान अली, शहीद लालखादान, शाहिल शेख, अब्दुल कलीम (पत्रकार), मोहम्मद अली, अब्दुल रज्जाक बड़े, इंसान अली बब्बू, आदिल भाई, असद, अब्दुल रशीद, रिजवान शानू, ज़ैद, वसीम बक्स, हाजी कादिर, हाजी निशार, हाजी जफर, खालिद भाई (सिटी मैन टेलर), प्यारू भाई, अबरार भाई, आरिफ बेग, शेख निजामुद्दीन, मिर्जा वसीम बेग, शाहिद सहित कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य एवं शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह जानकारी कमेटी के संयोजक शेख नजीरुद्दीन छोटे ने दी

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