लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 30वें दिन भी जारी, विभिन्न समाजों और राजनीतिक संगठनों का मिला व्यापक समर्थन


बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन लगातार 30वें दिन भी जारी रहा। लिंगियाडीह में चल रहे सांकेतिक आंदोलन को अरपांचल के युवा, ब्राम्हण समाज, छात्र संघ नेता, बसपा के प्रदेश पूर्व महासचिव, किसान संघ, कुर्मी समाज एवं सूर्यवंशी समाज के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला।आंदोलन स्थल पर अरपांचल के कांग्रेस नेता विनय पिंकू पांडे, सूर्यमणि तिवारी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेंद्र गौरहा, युवा ब्राम्हण नेता प्रतीक तिवारी व दिशु दुबे, छात्र संघ नेता विकास सिंह ठाकुर सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। वहीं बसपा के पूर्व प्रत्याशी व पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अधिवक्ता देवकुमार कनेरी, हिमांशु राय, शुभम सोनी, राम यादव, डॉ. रघु साहू, किसान नेता श्याममूरत कौशिक एवं परसराम कश्यप ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विनय पांडे ने कहा कि यह न्याय की लड़ाई है और अरपांचल के लोग एकजुट होकर आंदोलनकारियों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि बेलतरा में पहली बार गरीबों को इस तरह परेशान किया जा रहा है और जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेंद्र गौरहा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कुछ लोग गरीबों को भूल गए हैं, जबकि इन्हीं गरीबों के दम पर चुनाव जीते जाते हैं। बसपा नेता देवकुमार कनेरी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के संविधान के अनुसार हर गरीब को रहने का अधिकार है। गार्डन और कॉम्प्लेक्स बनाने के नाम पर गरीबों को उजाड़ना अन्याय है। छात्र संघ नेता विकास सिंह ठाकुर ने कहा कि छात्र संघ पूरी ताकत से लिंगियाडीह के साथ खड़ा है और यह आर-पार की लड़ाई होगी। सूर्यवंशी समाज के अध्यक्ष मनीष सेंगर ने आरोप लगाया कि लिंगियाडीह की तरह खमतराई सहित अन्य क्षेत्रों को भी तोड़ने की साजिश रची जा रही है, जिसका समाज पुरजोर विरोध करेगा। युवा ब्राम्हण नेता प्रतीक तिवारी ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी कीमत पर मकान तोड़ने और गार्डन कॉम्प्लेक्स बनाने नहीं देगी। आंदोलन में महिलाओं का आक्रोश विशेष रूप से देखने को मिला। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अनिश्चितकालीन महाधरना तब तक जारी रहेगा जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। उनका आरोप है कि सरकार किस्तों में तोड़फोड़ कर गरीबों को उजाड़ने की साजिश कर रही है और लिंगियाडीह को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। गौ सेवकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो आने वाले समय में यह आंदोलन एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेगा। महाधरना में बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के प्रबुद्ध जन एवं नागरिक मौजूद रहे।