राजनीती

लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 32वें दिन भी जारी, महिलाओं में आक्रोश, प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन लगातार 32वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल महिलाओं और स्थानीय लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अनिश्चितकालीन महाधरना में बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के लोग और प्रबुद्धजन शामिल हुए।
लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के संरक्षक, कुर्मी समाज के जिला अध्यक्ष, किसान मजदूर महासंघ एवं एससी-एसटी-ओबीसी महासंघ के नेता तथा सामाजिक कार्यकर्ता श्याममुरत कौशिक ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां गरीब महिलाएं अपने हक और अस्तित्व की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई सिर्फ बेलतरा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। वहीं आंदोलन समिति के अध्यक्ष डॉ. रघु साहू ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग सत्ता में आने के बाद यह भूल गए हैं कि चुनाव गरीबों के वोट से ही जीते जाते हैं। आज उन्हीं गरीबों का सम्मान नहीं किया जा रहा, जिससे बेलतरा क्षेत्र के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लिंगियाडीह के आंदोलन से पूरे प्रदेश में गरीबों के बीच बेचैनी और जागरूकता बढ़ी है।

महिलाओं ने जताया रोष
स्थानीय लिंगियाडीह की महिलाओं ने कहा कि उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल और महाधरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने वोट देकर भरोसा जताया था, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिला। “जब तक सांस है, तब तक आस है” के नारे के साथ उन्होंने सड़क और रास्ता निर्माण की आड़ में बस्तियों को तोड़ने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया।आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार किस्तों में बस्तियों को तोड़ने की साजिश रच रही है। चिंगराजपारा, चांटीडीह, बहतराई, खमतराई, मोपका, डबरीपारा सहित अन्य इलाकों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया।आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर लिंगियाडीह को ही बार-बार टारगेट क्यों किया जा रहा है।

जन आंदोलन का आह्वान
आंदोलनकारियों ने कहा कि मोपका, चिंगराजपारा, बहतराई, खमतराई, डबरीपारा और चांटीडीह के लोगों को एकजुट होकर इस लड़ाई को बड़ा जन आंदोलन बनाना होगा। महाधरना में दुर्गा नगर की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान कांग्रेस नेता संजय यादव, साहू समाज के नेता भोलाराम साहू, प्रशांत मिश्रा, दिनेश घोरे, श्रवण दास मानिकपुरी, चतुर सिंह यादव, पिंकी देवांगन, यशोदा पाटिल, कुंती तिवारी, उमा मिश्रा, सबिता डे, वंदना डे सहित अनेक समाजसेवी, महिलाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।आंदोलन को मिल रहे व्यापक समर्थन से स्पष्ट है कि लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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