शिक्षा

बाल दिवस की शुरुवात किए जाने का मूल कारण बच्चों की जरूरतों को स्वीकार करने, पूरा करने व उनके अधिकारों की रक्षा करने और बाल शोषण को रोकना है : हाशमी

सेजस मल्टीपरपज में बाल दिवस पर हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

बिलासपुर, 14 नवंबर (देशबन्धु)। सेजस मल्टीपरपज प्रायमरी एवं मिडिल स्कूल दयालबंद बिलासपुर में आज बाल दिवस (चिल्ड्रंस डे) के उपलक्ष में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रारम्भ में बाल दिवस पर प्रकाश डालते हुए ए.एफ. हाशमी ने सभी बच्चों को ढेर सारी बधाइयां एवं शुभ कामनाएं देते हुए बताया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे उनकी याद में इस दिन पूरे भारत में बाल दिवस मनाया जाता है। बाल दिवस की शुरुवात किए जाने का मूल कारण बच्चों की जरूरतों को स्वीकार करने, पूरा करने व उनके अधिकारों की रक्षा करने और बाल शोषण को रोकना है, ताकि बच्चों का सम्पूर्ण व समुचित विकास हो सके। भारत में सन 1959 से बाल दिवस मनाया जा रहा हैं पर तब बाल दिवस 20 नवम्बर को मनाया जाता था, लेकिन 27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की मृत्यु होने पर उनकी स्मृति में उनके जन्म दिवस (14 नवंबर) को पूरे भारत में बाल दिवस (चिल्ड्रंस डे) मनाएं जाने की शुरुवात हुईं। ए एफ हाशमी, राजेंद्र साहू साधना शुक्ला सविता शुक्ला, वर्षा सिंह, राकेश सिसोदिया, आरती भगत, ललित चौहान, कुलमित्र, दीपक, रूषा
बैनर्जी, मामश्री सोनी, राशि देवांगन, ओम नारायण, हर्ष दुबे, अनामिका,दिव्या चौरसिया, मांडवी वर्मा, वर्षा वैष्णव एवं बीएड ट्रेनीज मे काजल, ममता श्रद्धा, परमेश्वर, लिलेश, प्रमोद, संजय तथा अरविंद के मार्गदर्शन एवं सहयोग से क्लास 1 से क्लास 8 तक इंग्लिश मिडियम व हिंदी मिडियम के सभी बच्चों ने चिल्ड्रेस डे के इस प्रोग्राम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। अंत में प्राचार्या डा. चंदना पाल द्वारा बच्चों को संबोधन एवं कार्यक्रम समापन करते
हुए चाकलेट वितरण किया गया। सभी छात्र छात्राओं में अत्यधिक खुशी का माहौल बन गया था।

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